है समंदर आसमानी क्यों भला
हर तरफ है पानी पानी क्यों भला
मुफलिसों को फ़िक्र है इस बात की
हो रही बेटी सयानी क्यों भला
फिर रही है दर ब दर बिन लक्ष्य के
ठोकरें खाती जवानी क्यों भला
कुछ चुनिन्दा लोगों पर ही हो रही
वक़्त की है मेहरबानी क्यों भला
होंठ तेरे देख कर आया समझ
हो गया ख़त जाफरानी क्यों भला
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