Monday, September 12, 2022

हिंदी दिवस कविता

 वतन की आन है हिन्दी , वतन की शान है हिन्दी

वतन की आत्मा हिन्दी, वतन की जान है हिन्दी ॥


सरल है व्याकरण इसका ,सरल है लिखने पढ़ने में  

करें हम काम हिन्दी में,बहुत आसान है हिन्दी ॥


विलक्षण सभ्यता साहित्य का दर्शन कराती है 

ज़मानेभर में भारत देश की,पहचान है हिन्दी ॥


जगा कर चेतना उर में,कुशल व्यवहार सिखलाती 

कलमकारों की श्रद्धा है, धरम ईमान है हिन्दी॥ 


कहीं तुलसी की चौपाई , कहीं मीरा के भजनों में

कहीं कान्हा के मुरली की, सुरीली तान है हिंदी॥