ताजिंदगी वतन को शत शत नमन करेंगे
निज प्राण से भी ज्यादा फिकरे वतन करेंगे
ऐ मादरे वतन हम करते हैं तुझ से वादा
इंसानियत के हित में नूतन सृजन करेंगे
विपदाओं में न हरगिज हारेंगे हौसला हम
होगा जो सब के हित में लेंगे वो फैसला हम
जुल्मत का ये अँधेरा बन कर रवि हरेंगे
इंसानियत के हित में
हम बीज एकता के बोयेंगे इस धरा में
उन्नत करेंगे मजहब ईमान से जहां में
जीवन सदा हो सुखमय ऐसा जतन करेंगे
इंसानियत के हित में
निज खून से सींच कर हम सुरभित करेंगे गुलशन
होंगी दिशाएं हर्षित सुख से भरेंगे दामन
यशगान तेरा मिलकर अहले वतन करेंगे
इंसानियत के हित में
सुन्दर ये आशियाना सारे जहां की दौलत
सब कुछ है हमने पाया केवल तेरी बदौलत
माथे पे रज लगा कर फ़खरे वतन करेंगे
इंसानियत के हित में
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