मोम की सूरत पिघलना सीख लो
गुफ्तगू का शीरी लहजा सीख लो
कायदा पढना नहीं काफी मियां
कायदे से बात करना सीख लो
ज़िन्दगी की है बहुत मुश्किल डगर
दोस्तों काँटों पे चलना सीख लो
शोख लहरों सा मचलना छोड़ कर
शांत सागर सा ठहरना सीख लो
छोड़ कर तुम आहनी अपनी रविश
वक़्त के सांचे में ढलना सीख लो
No comments:
Post a Comment