Friday, May 15, 2015

ghazal
 
कुछ का कुछ ऐ यार दिखाई देता है
सन्नाटों मे शोर सुनाई देता है
साथ खड़े हैं लोग सभी तो झूठों के
सच के हक़ में कौन गवाही देता है
किस को फुर्सत है उसकी सुध लेने की ...
बूढ़ी मां को कौन दवाई देता है
दोषी के चेहरे पर है मुस्कान सजी
रो रो कर निर्दोष सफाई देता है

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