Sunday, May 31, 2015

ajay agyat poetry ghazals: हाथो में कुल्हाड़ी को देखा तो बहुत रोया इक पेड़ जो ...

ajay agyat poetry ghazals: हाथो में कुल्हाड़ी को देखा तो बहुत रोया
इक पेड़ जो ...
: हाथो में कुल्हाड़ी को देखा तो बहुत रोया इक पेड़ जो घबराकर रोया तो बहुत रोया जब पेड़ नहीं होंगे तो नीड कहाँ होंगे इक डाल के पंछी ने सोचा तो ...

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