भावना को शब्द का आकार दे
लेखनी को चेतना की धार दे
श्रेय पथ पर अग्रसर होता रहूँ
आचरण को सत्य का आधार दे
मानसिक शुचिता अनूठी धीरता
आत्म संयम का मुझे उपहार दे
शायरों में नाम मेरा हो शुमार
कुछ अनूठे तू मुझे अशआर दे
हम नहीं छोड़ेंगे राहे रास्त को
तू डगर आसान या दुश्वार दे
है मुझे मंजूर तेरा फैसला
गुल अता कर या मुझे तू खार दे
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