पानी का बुलबुला हूँ साहिब
मिटटी का मैं घड़ा हूँ साहिब
मेरे जैसा और न दूजा
मैं तो सबसे जुदा हूँ साहिब
संजीदा दिखता हूँ बेशक
अलबेला मनचला हूँ साहिब
कौन दिखाए मुझ को रस्ता
खुद अपना रहनुमा हूँ साहिब
मुझ में कोई खोट नहीं है
24 कैरट खरा हूँ साहिब
इतना सा परिचय है मेरा
दीवाना सिरफिरा हूँ साहिब
मिटटी का मैं घड़ा हूँ साहिब
मेरे जैसा और न दूजा
मैं तो सबसे जुदा हूँ साहिब
संजीदा दिखता हूँ बेशक
अलबेला मनचला हूँ साहिब
कौन दिखाए मुझ को रस्ता
खुद अपना रहनुमा हूँ साहिब
मुझ में कोई खोट नहीं है
24 कैरट खरा हूँ साहिब
इतना सा परिचय है मेरा
दीवाना सिरफिरा हूँ साहिब
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