टूटे दिल के ज़ख्म छिपाएं हम कब तक
अधरों पर मुस्कान सजाएँ हम कब तक
खुदगर्जों की दुनया में सच्चे झूटे
संबंधों को और निभाएं हम कब तक
...
ऊब गए हैं रोज़ यही करते करते
जीवन का एहसान उठायें हम कब तक
अधरों पर मुस्कान सजाएँ हम कब तक
खुदगर्जों की दुनया में सच्चे झूटे
संबंधों को और निभाएं हम कब तक
...
ऊब गए हैं रोज़ यही करते करते
जीवन का एहसान उठायें हम कब तक
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