ajay agyat poetry ghazals
Sunday, December 18, 2011
ghazal
बेहद कमाल का है हुस्नो जमाल तेरा
रहता है मेरे दिल में हर पल ख्याल तेरा
आँखों ही आँखों में तू करती है मुझ से बातें
अंदाज़ गुफ्तगू का है बेमिसाल तेरा
नागिन सी काली पुरखम जुल्फें ये माशा अल्लाह
बलखा के ये कमर को चलना कमाल तेरा
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